तिरंगे में तीनों रंगों का इतिहास इस प्रकार है
साल 1906 में कोलकाता के पारसी बागान स्क्वायर में सबसे पहले तिरंगा फहराया गया था। इसमें हरी, पीली, और लाल पट्टियां थीं,साल 1921 में पिंगली वेंकैया ने महात्मा गांधी को अपने झंडे का डिज़ाइन दिखाया। इस तिरंगे में सफ़ेद, हरी, और लाल पट्टियां थीं और बीच में चरखा था।
साल 1931 में तिरंगे का आखिरी रूप तय हुआ, इसके बाद धर्म चक्र को चरखे की जगह शामिल किया गया। 15 अगस्त, 1947 को आज़ाद भारत में पहली बार तिरंगा फहराया गया।
